रविवार, मार्च 10, 2013

कामशक्ति से निराश

प्रश्न: आदरणीय डा.साहब  मेरी आयु ३८ साल है। मेरी कामशक्ति एकदम कम हो
गयी है।मैंने काफी दवा ली पर लाभ नही हुआ। जीवन से बिलकुल निराश हो चुका
हूं। प्लीज मुझे कोई उपाय बतायें । आशीश जैन, लखनऊ ,ऊ.प्र.                                        
उत्तर: आप बिल्कुल चिन्ता न करें आप बिल्कुल सही हो जायेंगें।दवा यदि सही चुनी
जाये तो जरूर लाभ होता है।निराशा से समस्या हल नही होती हौसला रखिये और
हम पर विश्वास रखिये ।इस तरह कि समस्या से हजारों नही लाखों लोग परेशान है।
लेकिन सकोंच के मारे बताते नही हैं। अपने मन से उल्टी सीधी चिकित्सा करने लगते है।
फिर मुसीबत को और ज्यादा कर लेते हैं। आप नीचे लिखे योग लेकर देखिये आप की
निराशा जाती रहेगी।
 रस सिन्दूर २५ मिग्रा.+ मुक्ताशुक्ति भस्म २५ मिग्रा. + जावित्री १० मिग्रा. + स्वर्ण बंग २५ मिग्रा. + कुक्कुटाण्डत्वक भस्म २५ मिग्रा. + अश्वगंधा ५० मिग्रा. + शिलाजीत २५ मिग्रा. + शुद्ध विजया २५ मिग्रा. + गोखरू ५० मिग्रा. + शुद्ध हिंगुल २५ मिग्रा. + बबूल गोंद २५ मिग्रा. + विधारा ५० मिग्रा. + दालचीनी २५ मिग्रा. + कौंच बीज २५ मिग्रा. + तालमखाना २५ मिग्रा. + सफ़ेद मूसली २५ मिग्रा. + जायफल १० मिग्रा. + शतावर ५० मिग्रा. + लौंग १० मिग्रा. + बीजबन्द ५० मिग्रा. + सालम मिश्री ५० मिग्रा.
 इन सभी की एक खुराक बनेगी आप इसी अनुपात में औषधियाँ मिला कर अपनी जरूरत के अनुसार दवा बना लें व सुबह नाश्ते तथा रात्रि भोजन के बाद एक एक खुराक मीठे दूध से लीजिये।  दूसरी दवा लिंग पर लगाने के लिये है इससे आपको कोई नुक्सान नहीं होगा इसलिए परेशान न हों।  अश्वगंधा तेल १० ग्राम + मालकांगनी तेल १० ग्राम + श्रीगोपाल तेल १० ग्राम + लौंग का तेल २ ग्राम + निर्गुण्डी का तेल १० ग्राम इन सब को मिला कर इसमें केशर १ ग्राम + जायफल २ ग्राम + दालचीनी २ ग्राम । इन सबको कस कर घुटाई कर लें तो क्रीम की तरह बन जाएगा। इसे किसी मजबूत ढक्कन की काँच या प्लास्टिक की चौड़े मुँह की शीशी में रख लीजिये। इसे नहाने के बाद अंग सुखा कर भली प्रकार हल्के हाथ से मालिश करते हुए अंग में जाने दें। लगभग दस मिनट में यह क्रीम लिंग में अवशोषित हो जाएगी। इस प्रकार यदि दिन में समय मिले तो दो बार क्रीम   यदि कोई भी शंका या परेशानी हो तो आप सीधे मुझसे ई-मेल (aayushved@gmail.com) या मोबाइल नंबर 09224359159 पर संपर्क करें।लगाएं।
मानसिक शक्तियों के अनुभूत प्रयोग ,जीवन में मन की शक्तियों का इस्तेमाल हमें जरूर करना चाहिये कैसे ? जानने के लिये देखिये मेरी लिखी दूसरी वेबसाईट बस इस लिंक पर click करें । www,mindhypnotism.com

बुधवार, मार्च 06, 2013

हस्त्मैथुन और स्वप्नदोश की समस्या

डॉक्टर सहाब उम्र के शुरूआती दोर से १ साल पहले तक (१४-२२) मैंने अत्याधिक हस्तमैथुन किया.जिस वजह से में शारीरिक और मानसिक रूप से काफी क्षीण हो गया था तब मैंने हस्तमैथुन छोड़ने का ढृढ़संकल्प किया.परन्तु भयंकर समस्या तब सामने आई जब हर दिन या दुसरे दिन रात में वीर्य धातु निकल जाती और काफी कमजोरी आ जाती. मेंने तब डॉक्टर के सलाह से दवाइयाँ लेनी शुरू की! पर अस्थाई परिणाम आया. तब से अब तक में चार डॉक्टर से दवा ले चूका हूँ पर जब तक दवा लेता हूँ तब तक आराम रहता है! दवा छोड़ने के पश्चात उसी FREQUENCY से स्वप्नदोष हो जाता है मेरा चेहरा बीमार की तरह प्रतीत होने लगा है. वीर्य बहुत पतला हो गया है २-३ सप्ताह से मुझे मूत्र संक्रमण टेस्ट में आया है (रिपोर्ट सलंगन है)डॉक्टर सहाब बीमारी का स्थाई उपचार बताएँ में आपका सदा कृतार्थ रहूँगा  6 march 2013
भवदीय
बंसी
1 URINE EXAMINATION RESULT UNITS REF. RANGE
2 PHYSICAL EXAMINATION
3 VOLUME 40 ML
4 COLOUR YELLOW
5 APPEARCE TURBID
6 SPECIFIC GRAVITY Q.N.S (1.010-1.030)
7 CHEMICAL EXAM
8 REACTION ACIDIC
9 ALBUMIN TRACE NIL
10 SUGAR NIL NIL
11 MICROSCOPIC EXAM
12 PUS CELLS 6-8 /HPF 1-2/HPF
13 RBCs nil /HPF (NIL)
14 Epithelial cells 2-3 /HPF 1-2/HPF
15 cast nil nil
16 crystals nil nil
17 others bacteria (++++) nil
18 June 17, 2009 1:52 AM
बंसी जी,आपकी समस्या का संबंध जितना शरीर से है उतना ही मन से है। आपने हस्तमैथुन जैसी बुरी आदत को संकल्प करके छोड़ दिया ये बहुत अच्छा है। आप निम्न औषधियां नियमित रूप से कम से कम चालीस दिन तक लीजिये-
१. बंग भस्म १० ग्राम + प्रवाल पिष्टी १० ग्राम + त्रिबंग भस्म १० ग्राम + जहरमोहरा खताई भस्म १० ग्राम +शीतलचीनी(इसे कबाबचीनी भी कहते हैं) २० ग्राम + शुद्ध ढेला कपूर ५ ग्राम; इन सबको एकत्र पीस कर कांच की शीशी में कसकर ढक्कन लगाकर रख लें। इस औषधि में से चार रत्ती की मात्रा(यानि ५०० मिलीग्राम) सुबह शाम दूध के साथ लीजिये।
२. यदि बरगद के पेड़ की लटकी हुई जो जटाओं जैसी जड़े रहती हैं वो कोमल-कोमल मिल सकें तो उसे दो ग्राम चबाकर ऊपर से दूध पी लिया करें ऐसा दिन में दो बार करें।
आप यकीन मानिये आपकी समस्या और संक्रमण कहां छू-मंतर हो गया आप हैरान हो जाएंगे।

मंगलवार, मार्च 05, 2013

बृहस्पतिवार, 7march 2013


अल्पविकसित व छोटे स्तनों के लिये आयुर्वेदिक योग

Posted on 5:57 am by डॉ.रूपेश श्रीवास्तव(Dr.Rupesh Shrivastava)
कई युवतियों के लिये छोटे स्तनों का आकार उनके लिये अत्यंत मायने रखता है। जब कोई युवती सौन्दर्य/माडलिंग आदि जैसे व्यवसाय आदि से जुड़ना चाहती है तो उसके लिये शारीरिक सौन्दर्य का बड़ा अंश उसके सुडौल एवं विकसित स्तनों पर ही आधारित रहता है। स्तनों का आकार यदि देह के अनुपात में है तो सचमुच उसकी सुन्दरता में चांद लग जाते हैं। कई बार जिन युवतियों के जल्दी-जल्दी बच्चे होते रहते हैं उनके स्तन भी ढीले होकर ढलक जाते हैं जो कि उनके सौंदर्य को प्रभावित करते हैं। निम्न योग इस समस्या से बहुत हद तक मुक्ति दिलाने में सफल रहे हैं-
१. स्तन का आकार बढ़ाने के मोदक: असगंध नागौरी ५०० ग्राम + सोंठ २५० ग्राम + पीपर १२५ ग्राम लेकर बारीक पीस लें। अब शुद्ध शहद २ किलो+ गाय का घी ५०० ग्राम + भैंस का दूध ५ किलो और मिश्री ५०० ग्राम लेकर कढ़ाही में धीमी आंच पर पकाएं। जब खोवा जैसा बनने लगे तो ऊपर से कहे गये तीनों चूर्णों का मिश्रण मिला दें और हल्के हाथ से चलाते हुए भून लें। जब सुगंध आने लगे तो उसमें लौंग १० ग्राम + तज १० ग्राम + काली मिर्च १० ग्राम + छोटी इलायची १० ग्राम का बारीक चूर्ण मिलाएं और लगभग बीस-बीस ग्राम वजन के लड्डू हाथ से बांध लें। चार से छह माह तक इनमें से एक-एक लड्डू सुबह-शाम दूध से खाने से ढीले हो चुके स्तन विकसित हो जाते हैं और साथ ही शरीर के प्रदर, अशक्ति, कमरदर्द आदि रोग भी नष्ट हो जाते है।
२. स्तन का आकार बढ़ाने वाला तेल: जैतून का तेल १०० मिली + कड़वे बादाम का तेल १०० मिली + काशीशादि तेल १०० मिली लेकर स्तनों की हल्के हाथों से गोलाई में मालिश करें। इस तेल के प्रभाव के आने में दो से तीन माह लग जाते हैं लेकिन बहुत दिनों तक स्थायी रहने वाला प्रभाव मिलता है।

इस औषधि को दो माह तक लगातार लेने के बाद मुझे दोबारा रिपोर्ट्स भेजें व सम्पर्क करें यदि किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो आप मुझे मेरे मोबाइल (09224359159) पर किसी भी समय या मेरे ईमेल aayushved@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं। यदि औषधियाँ मिलने में परेशानी हो तो सूचित करें ।www.mindhypnotism.com
आप मुझे अपनी समस्यायें what`s app के मेरे नम्बर 09833953289 पर भी भेज सकते हैं 

No Response to "अल्पविकसित व छोटे स्तनों के लिये आयुर्वेदिक योग"


Leave A Reply

शनिवार, मार्च 02, 2013

जी चाह्ता है, आत्मह्त्या कर लूँ ।

प्रश्न-आदरणीय डा०साहब प्रणाम,कयी सालों से लगातार हस्तमैथुन करने की वजह से मेरी सेक्स लाईफ खत्म हो चुकी है घरवालों के दबाव में आकर दो माह के बाद मुझे शादी करना है.मेरे लिंग में जरा भी तनाव नही आता है.जी चाह्ता है, आत्मह्त्या कर लूँ ।  सुमित कुमार उम्र २८ रतलाम गुजरात       
 उत्तर-सुमित जी आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नही है.आप नपुंसकता का शिकार हो चुके हैं.पर चिंता न करें यह लाईलाज नही है.आप एक तरह के मनोविकार से पीडित हैं आप हमारी दमदार रिजल्ट बेस्ड मनी बैक गारण्टी वाली टेलीफोनिक काउंसलिग और नीचे लिखे आयु०इलाज लेकर स्वस्थ हो सकते हैं. रस सिन्दूर २५ मिग्रा.+ मुक्ताशुक्ति भस्म २५ मिग्रा. + जावित्री १० मिग्रा. + स्वर्ण बंग २५ मिग्रा. + कुक्कुटाण्डत्वक भस्म २५ मिग्रा. + अश्वगंधा ५० मिग्रा. + शिलाजीत २५ मिग्रा. + शुद्ध विजया २५ मिग्रा. + गोखरू ५० मिग्रा. + शुद्ध हिंगुल २५ मिग्रा. + बबूल गोंद २५ मिग्रा. + विधारा ५० मिग्रा. + दालचीनी २५ मिग्रा. + कौंच बीज २५ मिग्रा. + तालमखाना २५ मिग्रा. + सफ़ेद मूसली २५ मिग्रा. + जायफल १० मिग्रा. + शतावर ५० मिग्रा. + लौंग १० मिग्रा. + बीजबन्द ५० मिग्रा. + सालम मिश्री ५० मिग्रा.
                           
 इन सभी की एक खुराक बने रागी आप इसी अनुपात में औषधियाँ मिला कर अपनी जरूरत के अनुसार दवा बना लें व सुबह नाश्ते तथात्रि भोजन के बाद एक एक खुराक मीठे दूध से लीजिये।
           दूसरी दवा लिंग पर लगाने के लिये है इससे आपको कोई नुक्सान नहीं होगा इसलिए परेशान न हों।अश्वगंधा तेल १० ग्राम + मालकांगनी तेल १० ग्राम + श्रीगोपाल तेल १० ग्राम + लौंग का तेल २ ग्राम + निर्गुण्डी का तेल १० ग्राम इन सब को मिला कर इसमें केशर १ ग्राम + जायफल २ ग्राम + दालचीनी २ ग्राम । इन सबको कस कर घुटाई कर लें तो क्रीम की तरह बन जाएगा। इसे किसी मजबूत ढक्कन की काँच या प्लास्टिक की चौड़े मुँह की शीशी में रख लीजिये। इसे नहाने के बाद अंग सुखा कर भली प्रकार हल्के हाथ से मालिश करते हुए अंग में जाने दें। लगभग दस मिनट में यह क्रीम लिंग में अवशोषित हो जाएगी। इस प्रकार यदि दिन में समय मिले तो दो बार क्रीम लगाएं।
  यदि कोई भी शंका या परेशानी हो तो आप सीधे मुझसे ई-मेल (aayushved@gmail.com) या मोबाइल नंबर 09224359159 पर संपर्क करें।   
मानसिक शक्तियों के अनुभूत प्रयोग ,जीवन में मन की शक्तियों का इस्तेमाल हमें जरूर करना चाहिये कैसे ? जानने के लिये देखिये मेरी लिखी दूसरी वेबसाईट बस इस लिंक पर click करें । www.mindhypnotism.com